Sunday, 15 February 2015

मैं हर इक पल का शायर हूँ

मैं  हर  इक  पल  का  शायर  हूँ
हर इक पल  मेरी कहानी है
हर इक पल मेरी हस्ती है
हर इक पल मेरी जवानी है .

रिश्तों का रूप बदलता है,  बुनियादें ख़तम नहीं होती
ख्वाबों  और उमंगों की मियादें ख़तम नहीं होती
इक फूल मैं तेरा रूप बसा,  इक फूल में तेरी जवानी है
इक चेहरा तेरी निशानी है,  इक चेहरा मेरी निशानी है .

तुझको मुझको जीवन अमृत अब इन हाथों से पीना है
इनकी धड़कन में बसना है,  इनकी धड़कन में जीना है
तू अपनी अदाएं बख्श इन्हें,  मैं अपनी वफायें देता हूँ
जो अपने लिए सोची थी कभी,  वो सारी दुवायें देता हूँ .

मैं  हर  इक  पल  का  शायर  हूँ
हर इक पल  मेरी कहानी है
हर इक पल मेरी हस्ती है
हर इक पल मेरी जवानी है .
चित्रपट -कभी कभी .
गायक -मुकेश 

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