Sunday, 15 February 2015

तेरी गलियों में


तेरी गलियों में ना रखेंगे कदम, आज के बाद
तेरे मिलने को न आएंगे सनम, आज के बाद

तू मेरा मिलना
तू मेरा मिलना समझ लेना एक सपना था
तुझको आखिर मिल ही गया जो तेरा अपना था
हमको दुनिया में समझना ना सनम, आज के बाद
तेरे मिलने को...

घिर के आएंगी
घिर के आएंगी घटाएं फिर से सावन की
तुम तो बाहों में रहोगी अपने साजन की
गले हम ग़म को लगाएंगे सनम, आज के बाद
तेरे मिलने को...

चित्रपट -हवस 
गीतकार ,महमद राफ्फी 

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