Sunday, 15 February 2015

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है
कि जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए


तू अबसे पहले सितारों में बस रही थी कहीं
तुझे ज़मीन पे बुलाया गया है मेरे लिए |


कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
कि ये बदन ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाँव है मेरी खातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं |


कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
कि जैसे बजती है शहनाइयां सी राहों में
सुहागरात है घूंघट उठा रहा हूँ मैं
सिमट रही है तू शरमा अपनी बाहों में |


कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है .


कि जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूँ ही
उठेगी मेरी तरफ प्यार की नज़र यूँ ही
मैं जानता हूँ कि तू गैर है मगर यूँ ही
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है |


चित्रपट -कभी कभी 
गायक -मुकेश ,लता 

    No comments :

    Post a Comment