वक़्त ने किया क्या हंसीं सितम तुम रहे न तुम हम रहे न हम वक़्त ने किया... बेक़रार दिल इस तरह मिले जिस तरह कभी हम जुदा न थे तुम भी खो गए, हम भी खो गए एक राह पर चलके दो क़दम वक़्त ने किया क्या हंसीं सितम तुम रहे न तुम हम रहे न हम वक़्त ने किया... A जाएंगे कहाँ पूछता नहीं चल पड़े मगर रास्ता नहीं क्या तलाश है कुछ पता नहीं बुन रहे हैं दिल ख़्वाब दम-ब-दम वक़्त ने किया क्या हंसीं सितम तुम रहे न तुम हम रहे न हम चित्रपट -कागज के फुल ,गायक -गीता दत्त
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